Tuesday, 11 February 2020

FOOTBALL ⚽



फुटबॉल के बारे में कुछ रोचक जानकारी"

 "पढ़ो गे लिखो गे तो बनोगे नवाब "
" खेलों गे कुदो गे तो बनो गे खराब "


 यह कहावत तो आप सब ने सुनी ही होगी . मैंने भी सुनी है , पर क्या आप इसका मतलब जानते है , हा वैसे कुछ लोग इसका मतलब ऐसे निकलते है कि मानो खेल मतलब कुछ ऐसी बुरी चीज है जिससे बच्चो को हमेशा दूर रहना चाहिए , कहावत तो सही है पर लोगों ने इसका मतलब गलत समझ लिया है , खेल के साथ साथ पढ़ाई भी जरूरी है सिर्फ खेल ही नहीं खेल ना चाहिए , पढ़ाई जो है ओ हमारा बौद्धिक विकास करती है और खेल जो है ओ हमारा शारीरिक विकास करती है हमें चंचल बनती है...।
   वैसे तो खेल बहुत सारे है कुछ हम गाव में खेलते है तो कुछ बड़े मैदानों में खेले जाते है , मैदान में खेले जाने वाले बहुत से खेल है जैसे हम क्रिकेट को जानते है फुटबॉल को जानते है और यह बात आपको पता नहीं होगी की दुनिया में सबसे अधिक मोबाइल पर नेट पर देखा जाने वाला खेल फुटबॉल है

फुटबॉल का इतिहास :-

वैस फुटबॉल का इतिहास काफी पुराना है ,
पहिला फुटबॉल खेल  १८६३ में इंग्लैंड में खेला गया , उस वक्त फुटबॉल को लेकर बहुत से
वाद - विवाद थे !
फुटबॉल को अंत राष्ट्रीय खेल की मान्यता १९०० के दशक में मिली , जब पहीला ओलंपिक फुटबॉल खेला गया और उस वक्त के सुवर्ण पदक विजेता ग्रेट ब्रिटेन थे !
१९०० से लेकर २०१८ तक कुल २६ ओलंपिक खेल खेले गए ,
   और महिला ओ कि बात करे तो १९९६ में पाहिला ओलंपिक खेला गया ,
 १९९६ से २०१८ तक कुल ६ खेल खेले गए !


(फीफा ) आखिर है क्या :-
फुटबॉल की यक  परिषद भी है जिसमें ३६ देश सदस्य है ! जिसके अध्यक्ष इन्फैटिनो जीयाननी जो (स्विट्जरलैंड - इटली )से है !
और वरीष्ट उपाध्यक्ष अल खलीफा शेख सलमान बीन अब्राहिम जो (बहरीन) से है
और इसी में हमारे भारत देश से प्रफुल्ल पटेल जी है ...।

इस परिषद को फीफा (FIFA) नाम दिया गया!
फीफा का अर्थ होता है
" फेडरेशन इंटरनेशनल डि फुटबॉल एसोसिएशन "
जो कि विश्व कप , महिला विश्व कप खेलो का आयोजन करती है !
फीफा की स्थापना २१ में १९०४ में हुई थी !
( फ्रांस , डेनमार्क , नीदरलैंड , स्वीडन , स्पेन , स्विट्ज़रलैंड ) यह संस्थापक सदस्य थे .
  फीफा यक मासिक पत्रिका भी प्रकाशित करता है , जो ६८ पुष्ट की होती है , जिस में खास तौर से दुनिया भर से खिलाड़ी कि कहानियां होती है , यह पत्रिका नेट पर भी उपलब्ध है (fifa.com)
१९३० से लेकर २०१८ तक २२ विश्व कप खेले गए . और दुःख की बात यह है कि हमारा भारत देश अभी तक यक बार भी विजेता नहीं हुआ .
और महीला ओ की बात करे तो पाहीला विश्व कप १९९६ में खेला गया और उस वक्त के विजेता थे " संयुक्त राज्य अमेरीका " १९०६ से लेकर २०१८ तक कुल ६ खेल खेले गए

फुटबॉल के कुछ जरूरी नियम :-

यह खेल ९० मिनिट तक चलता है जिसमें जों सबसे ज्यादा लक्ष हासिल करता है ओ संघ विजेता कहलाता है और बीच में ४५ मिनिट के दो विराम भी होता है , और उस में भी में १५ मिनिट का छोटा विराम होता है , कभी कभी ९० मिनिट में खेल का नतीजा नहीं निकलता तो तो ३० मिनिट का समय और बढ़ा दिया जाता है जिसे
 "इंजुरी स्ट्राइक" कहा जाता है और तब भी खेल के नतीजा नहीं निकलता है तो
" प्यानालती शूटआउट "   कहते है
यह खेल २ संघो के बीच में खेला जाता है हर यक संघ में ११ खिलाड़ी होने चाहिए और मैदान में ११ खिलाड़ी यो के साथ ३ निर्णायक भी होते है ! यक महत्त्व पूर्ण निर्णायक खेल के बीच में घूमता रहता है जिसका काम होता है खिलाड़ी यो पर नजर रखना फ्री किक , पाउच , पेनाल्टी को देखना और इस के पास यक खास अधिकार भी होता ,
अगर कोई खिलाड़ी शर्ट खींचता है , धक्का मुक्की करता है तो ओ उसे पीली चिट देता है जो कि यक चेतावनी होती है , और कोई खिलाड़ी किसी को गंभीर रूप से घायल करता है तो उसे लाल चिट दी जाती है जो की खेल से बाहर निकल जाने के इशारा होता है , और कोई खिलाड़ी जख्मी होता है तो खेल  को बीच में रोकने का अधिकार भी इनके पास होता है ,
  और जो बाकी २ निर्णायक है उन्हे सीमा निर्णायक कहते है उनका काम होता है आउटसाइड , और कॉर्नर किक पर ध्यान देना
ऐसे कहीं सारे नियम होते है है जो खेल के लिए बहुत जरूरी होते है ...।

पुरुष फुटबॉल विश्व कप यदि

वर्ष।         विजेता

१९३०       उरुग्वे
१९३४       उरुग्वे
१९३८       इटली
१९५०      उरुग्वे
१९५४      वेस्ट जर्मन
१९५८      ब्राज़ील
१९६२      ब्राज़ील
१९६६       इंग्लैंड
१९७०       ब्राज़ील
१९७४      वेस्ट जर्मन
१९७८      अर्जेंटीना
१९८२      इटली
१९८६      अर्जेंटीना
१९९०     वेस्ट जर्मन
१९९४      ब्राज़ील
१९९८      फ्रांस
२००२      ब्राज़ील
२००६     इटली
२०१०     स्पेन
२०१४    जर्मनी
२०१८     फ्रांस

अगर हम फुटबॉल खिलाड़ी यो की बात करे तो कुछ लोकप्रिय खिलाड़ी के नाम सामने आते है जैसे कि " पीले " इन्होंने ने अभी तक ३ बार विश्व कप जीता है , रोनाल्डो इनके बारे में आप सब जानते है होंगे ऐसे बहुत सारे खिलाड़ी है जो अपनी जी जान लगा कर खेल को खेलते है...।
















Monday, 3 February 2020

MODAFINIL...





***MODAFINIL***
*What is modafinil*
Hy guys आज हम बात करने वाले है यक अहम मुद्दे पर ,
ओ क्या है न हम इंसानों को यक आदत सी पड़ चुकी है .। पैर दुखे तो दवाई लेना , हात दुखे तो दवाई लेना , नींद न आए तो दवाई लेना , नींद आ रही हो तो भी हम दवाई पर निर्भर हो चुके है, सहनशीलता मानो हम इन्सान के अंदर की जैसे खत्म ही हो चुकी है , थोड़ी सी भी तकलीफ हमें होती है तो हम तुरंत दवाई लेने लगते है .।
   ऐसी ही यक दवाई है जिसे modvigil या फिर कुछ लोग modafinil भी कहते है ,
    अभी यह आप भी जानते ही होंगे दवाई चाहे कोंसी भी हो उसमे थोड़ी मात्रा में तो ड्रग्स होता ही है , लेकिन कुछ दवाइयों में ड्रग्स का डोज कम मात्रा में होता है तो कुछ दवाइयों में ज्यादा होता है ,
   अब सवाल यह उठता है कि modafinil आखिर है क्या ...।
बहुत से लोग ऐसे होते है जिन्हे रात को नींद नहीं आती इसलिए ओ नींद कि गोली लेना पसंद करते है , मगर...
कुछ लोग ऐसे भी होते है जिनका अपने नींद पर बस नहीं होता , काबू नहीं होता है , उन लोगो को बहुत ज्यादा नींद आती है , इस बीमारी को
न्यूरप्लोक्सी
स्लिप एपनीया
स्लिप डीसऑडर
ऑष्सट्रक्वि
इन नामों से जानते है ...।
इन बीमारियों के पीड़ित लोगों को modifinil लेने की सलाह दी जाती है.
और उस modafinil को कहीं अलग अलग नामों  से भी जानते है
जैसे कि
Provigil
Alertec
Modivigil
Modafinil को मंजूरी पहली बार 1998 में दी गई थी , और तभी से इस बहुत से लोग इस्तमाल भी करने लगे है .
वैसे तो यह दवाई बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए बनाई गई लेकिन बहुत से लोग इसे गलत तरीके से भी इस्तमाल करते है , और इस दवाई का USA - UK - JAPAN  जैसे देशों में ज्यदा इस्तमाल किया जाता है , उन लोगो का मानना होता है कि , अगर उन्हें ज्यादा देर तक काम करना हो या फिर बच्चो को ज्यादा देर तक पढ़ाई करनी हो तो नींद न आए इस वजह से यह लोग modafinil लेना पसंद करते है , यह मेडिकल स्टोर पर भी आसानी से मिल जाती है और तो और online मीलने‌ के भी कहीं सारी वेबसाइट है , जैसे की...  @medhealthonline.com
US - 888821
UK - 01618840495
अगर हम modafinil की online price देखें तो
100 mg की 30 capsules $ 99.00
200 mg की 30 capsules $ 119.00
अगर आप मुझ से पूछो तो हमे कभी दवाइयों पर निर्भर नहीं होना चाहिए ,  जो लोग बीमार है ओ कुछ नहीं कर सकते , लिकिन जो लोग इसे जानबूझ कर लेते है कहीं न कहीं इनके शरीर पर इन दवाइयों के घातक परिणाम भी हो सकते है...।


Sunday, 2 February 2020

INDIAS 50 RUPES...



The history of notes in our India has been very old, earlier we used to work only with coins but O was also made of gold and silver,
  But paper notes were first printed in India at the Bank of Hindustan in Kolkata in the 1770s and this paper note remained in circulation for nearly 91 years.
 That is, by 1860, then in 1860, British India made its own rules and regulations on this note, and according to them the notes started being printed,

At first the currency notes of 1 rupee were printed, the value of notes started increasing over time, and the first 50 notes were printed in the 1930s in King George 5th, and only 50 rupees.  The journey of note started,
  And perhaps you would not know that when our India became independent, then for the first time, the first 50 rupee note 16 of Azad Hind was printed in saprembar 1950 with the sign of S.jagnaathann.  There was some purple color on the back and the Parliament House and the note, but today the market value of that note is estimated from 2000 to 2500,
      O because Azad Hind's O was the first 50 note and there was a G Ashoka Pillar above that note, the Satya Meo Jayate was not written below it and the national flag was not made on the back and the Parliament House, and at that time  O note printed with around 4 governor's sign
 1- S.  Jagannathan
 2- K. R. Puri
 3- M.  Nurdimmha
 4- I.  G.  Patel


And after that some changes were made in the notes such as saffron colored notes were changed by changing the purple color and the flag was made above the Parliament House and satya mev jayate was written under Ashok Satambh, this note was printed with 6 Governor's sign  Has gone
 1- I.  G. Patel
 2- Manmohansing
 3- R. N. Malhotra
 4- S.  Vankatraman
 5 - C.  Rangrajan
 5- Bimal Julan

By the way, the tenure of paper notes is very long, as little is written about them, the notes changed as the governor changed with them, but if we talk about today, the color, size and shape of today's 50 rupee note is very different.  There is a picture of Ashki Pillar in front with some sky color and Hampi on the back and on this note today Governor Urjit Patel ji
 See sign




























Friday, 31 January 2020

New York City

        
NEW
       YORK



America, which is the most powerful country in the world, is very special in itself, although the history of America is quite old, and that 50 different states together make this country, out of these states, there is only New York .
  New York is the 10th largest city in the world and the largest populated city in the whole of America, with a population of over 86 million people, I had only heard the name of New York but never tried to know it,

But as soon as I thought about New York in my heart today, as I progressed, my curiosity grew even more,
Do you know that the most linguistic language in the whole world is spoken only in New York, more than 800 means 4 out of every 10 people speak English, that is, 51% people speak English, so perhaps people from all over the world come to visit here.  is
 Situated at the mouth of the Hudson River, the city was also known as the Capital of America in 1981, but after 1 year, the new capital of America was built to express DC.
   More than half of New York City is located above 3 deep.
    * Log ayland
    * Man highten
    * Stetan dip


I * Sheath Highton is also known as the city of the rich, 1 out of every 21 people is a Millionaire.
 Today, the book of the world's tallest building is with the Burj Khalifa, but it was also like this, the famous Empire State of America was the tallest building in the world from 1931 to 1970,
 But time took a turn, and even bigger buildings exist today
 The Empire State is the 28th tallest building in the world,
  When the matter of height has come out, then let me tell you, World Famous Statue of Liberty
 Named among some of the world's most famous and high statues, France gifted the Statue of Liberty to New York to the delight of its 100-year-old good affiliate, which took about 9 years to build, which is 93 meters high,
 And what is surprising is that according to the health department, more people commit suicide here in New York than there are no murders in which more women are involved, it is really a cocaine thing, and now you  If you stay at the Chowk, also hear that the snow does not fall in the South Pole, as much as 15% more falls here, so the snow is melted by heating the train sheet,
  People here are very fond of pizza, there are more than 1600 pizza shops in New York alone, by the way, this is a city that settles in the heart as soon as it comes, whatever it is, it becomes as new as it is.  York tradition is known n the forefront of such sophisticated instruments
 By the way, I have a lot to write and you have to listen but still there were some important things about New York which I put in front of you, but I would just like to say, don't listen and look and feel yourself  Do, the beauty of New York will come out of your mouth, then only Yak Xi words OMG






























































Sunday, 26 January 2020

Repablic day 🇮🇳



क्यों मरते हो यारो सनमं के लिए...।
दुप्पटा भी नहीं देंगी कफ़न के लिए...।।
मरना हो तो मरो वतन के लिए...।।।
तिरंगा तो नसीब हो दफन के लिए...।।।।





एं मेरे वतन के लोगो.       
जरा आंख में भर लो पानी
जो शहीद हुए है उनकी
जरा याद करो कुरबानी
     
       यह गाना कानों पर गिरते ही शरीर में यक अजीब सा जोश तयार होता है ,

जी हां आज भारत देश और उसमे रहने वाले हम सभी INDIAN के लिए बहुत खास दिन है
जैसे कि आप सभी जानते है , आज का दिन हम गणतंत्र (republic day)
के नाम से मनाते है ,
गणतत्र दिवस मतलब 26 जनेवारी 1949 को संविधान पूरी तरह से बनकर तयार हो गया .
संविधान मतलब कोई चोटी मोठी चीज नहीं है ,
भारत देश जब गुलामी में था तब काफी कोशिशों के बात भारत को आजाद करने का फैसला किया गया , लेकिन साथ में यह सवाल भी खड़ा हुआ कि अब आजादी के बाद देश चलेगा कैसे , देश को चलाएगा कोन , तब यक कमिटी बनाई गई , उस कमिटी 4 जरूरी मेंबर थे ....

अस्थाई अध्यक्ष : सच्चिदानंद सिन्हा

अध्यक्ष :  डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

निर्मात्री समिति अध्यक्ष : भीमराव अंबेडकर

उपाध्यक्ष : हरेंद्र कुमार मुखर्जी
                वी टी कृष्नम चारी


संविधान बनाने का काम काज भीमराव जी को सौंप दिया गया , उन्हने हर यक देश जाकर जांच पड़ताल की उन्होंने देखा कि ओ लोग अपना देश किस तरह से चलाते है , तब उन्होने यह जाना की उस वक्त भहुत से देशों में राजशाही पढ़त थी , और काफी कम थे जो लोकशाही के हिसाब से देश चला रहे थे , बहुत कोशिशों के बाद दुनिया का सबसे बड़ा लोकशाही चलन , संविधान 2 साल 11 महीने 17 दिन के कड़ी मेहनत के बाद बनकर तयार हो गया , बहुत से लोग आज संविधान पर उंगली उठाते है , क्यूं की उन्हे पता ही नहीं की संविधान आखिर है क्या, क्यूं बनाया गया , और किसके लिए , आज 4 फेल इन्सान घर बैठे यह बोल देता है ओ जों संविधान है न उसमे यह होना चाइए , ऐसा करना चाहिए , 
    तब बहुत हसी आती है मुझे ऐसे लोगो पर 73 देशों में जाकर , उनके बारे में जानकर , हमारे देश का संविधान कैसा होना चाइए यह सोच उस वक्त उस इंसान के दिमाग में आई थी , तब जाकर 395 कलम का दुनिया का सबसे बड़ा सविधान बनाया गया, जो आज कल कुछ लोग यह भी मानते है की उस वक्त जो कुछ भी संविधान में लिखा गया ओ यक भविष्यवाणी थी भीमराव जी की जो सच हो रही है , 
     कभी सोचा है कि इतना बड़ा सविधान बनाने की उन्हे क्या जरूरत पड़ी होगी अमेरिका कि तरह 24 लाइन लिख कर ओ अपना काम पूरा कर सकते थे  जिसके लिए उन्हें 24 मिनिट ही लगते , लेकिन ऐसा क्यूं , उन्होंने अपने 2 साल 11 महीने 18 दिन यक सविधान लिखने में गवा दिय , 
इसकी वजह था हमारे देश , हमारे देश में जिस तरह के हालात थे , उसके हिसाब से यह सब सही था , इतने बड़ी आबादी वाला देश , जहा कहीं धर्म के लोग रहते है , कहीं भाषा बोली जाती है , कहीं प्रांत है , कहीं सारे प्रताय है , हर यक चीज के लिए , यक नियम बनाना कोई छोटी बात नहीं थी , अगर मै लिखना भी चाहूं न तो मेरा शायद यह दुनिया का सबसे बड़ा blogg होगा , इतना कुछ है सविधान के बारे में लिखने के लिए , पर फिर भी मय यही कहना चाहूंगा जब तक आप खुद सविधान को नहीं पड़ते तब तक आप उसे नहीं जान पाएंगे , न उस बनाने के पीछे की कड़ी मेहनत देख पाएंगे , मेरे हिसाब से तो सविधान को यक विषय के रूप में हर स्कूल में पड़ा दिया जाना चाहिए ताकि बच्चे बचपन में ही सविधान को जान सके , और ओ दिन भी दूर नहीं जल्द ही ऐसा भी होगा , 
वैसे आज का दिन मतलब मुझे मेरा बचपन याद दिलाता है 
बचपन में इस दिन सुबह जलदी उठ जाया करते थे , 
ठंडे ठंडे पानी से नहा कर तयार हो जाया करते थे 
न्यू कपड़े पहना करते थे 
मम्मी का गरमा गरम खाना खाया करते थे
इस दिन सभी यक साथ खड़े रहते थे
राष्ट्र गान शुरू करते थे
खाने के लिए मिठाई मिला करती थी
सबको बहुत ही पसंद आती थी
छुट्टी का यह दिन हम दोस्तो के साथ मनाया करते थे
कहीं न कहीं बाहर घूमने भी जाया करते थे
कुछ भी कहो स्कूल के ओ दिन बहुत याद आते है 








Wednesday, 22 January 2020

ACCIDE ATTACK


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यूं ही थम जाएं , ए ओ शोर नहीं...।
कोमल है , पर कमजोर नहीं...।।
परिवार को दी जिसने बुनियाद, बेटी बनकर...।।।
बचपन को किया आबाद ,बहन बनकर...।।।।
पत्नी के रूप में दी जिसने जिन्दगी को एक नई रफ्तार
और जब मा बनी ,तब ईश्वर ने लिया उसके अंदर एक नया अवतार...।।।।।
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कुदरत ने अगर पुरषों को बाहु बल दिया है
तो वहीं स्त्री यो को आत्म बल दिया है
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कुछ दिनों पहले दिपिका जी की यक फिल्म रिलीज हुई थी जों किं आप सब जानते ही होंगे जिसका नाम था "छपाक"...
यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है
लक्ष्मी अग्रवाल यह उनका नाम था जो   2005 को जब वो 7th कक्षा में पढ़ती थी तब उनके साथ दिल दहला देने वाला हादसा हुआ ,और चोका देने वाली बात यह है कि उस हमले में एक लड़की का भी हात है हालाकि उस हादसे के बात लड़के को 10 साल और लड़की को 7 साल की सजा हुई  यह भी आप जानते होंगे , आज उसी चीज के उपर मै बात करने वाला हूं...।
ACCIDE-ATTACK ...








जिसके बारे में सोचता हूं तो शरीर कापने लगता है , एक बेचैनी सी होती है ,  दिल में यक डर सा पैदा होता है ,अगर मै यक लड़की होता तो ....ऐसी हालत मेरी हर रोज होती , हर रोज डर - डर के जीना पड़ता , क्या सच में लड़कियों का दर्द इतना बड़ा होता है कि सिर्फ ओ ही समझ पाते है , महसूस कर पाते है , हम लड़के नहीं.
   बेशक शरीर से हम लड़के बलवान होते है , पर दिल और दिमाग से मजबूत सिर्फ और सिर्फ लड़कियां होती है, मै लडको की बुराई नहीं कर रहा मगर बहुत से मामलों में लड़कियों की तारीफ जितनी करे उतनी ही कम होगी
  यक रिपोर्ट की मानें तो national crime record के हिसाब से संन 2018 में 240 केसेस सामने आई , इसका मतलब जानते है आप , उनके साथ ओ हुआ जो कभी किसी दुश्मन के साथ भी न हों , भारत में पिछले 5 सालो में 1500 accide attack के victims
सामने आए , सोच कर ही दिल काप जाता है मेरा , और सोचने पर मजबुर हो जाता हूं की क्या मै सच मै उसी भारत देश में रह रहा हूं जहां औरतों को देवी का दर्जा दिया जाता है , और ओ ही दूसरी और उस देवी को पैरो तले रौंदा जाता है , science  की माने तो दुनिया में सबसे खूंखार जानवर भेड़िया है जो अपने शिकार को इतनी बुरी तरह लोच- लोच के खाता है कि ओ नजारा देख कर ही किसी का भी दिल रुक जाय , मगर मेरे हिसाब से सबसे खूंखार जानवर इन्सान है , जो हर रोज न जाने कितने औरतों को लोच कर खा रहा है , यक साल में 240 महिलाए accide हमले का शिकार होती है मतलब हर 15 घंटो में भारत में कहीं न कहीं , कोई लड़की इस हादसे का शिकार हो रही है , बहुत हैरानी की बात है , इतनी हैवानियत भला आती कहा से है , accide डालने वाला बंदा क्या यक पल भी नहीं सोचता की बाद में क्या होगा उस लड़की के साथ , जिस पर ओ accide फेकने जा रहा है , क्या उसे जरा सी भी दया नहीं आती होगी

या घुस्से में इतना अंधा हो जाता है कि उसकी सोच समजने की ताकत नहीं रहती , ओ यह नहीं समझ पाता कि हर रोज ओ लड़की जिंदा लाश बन कर रह जाएगी , जब भी आयने के सामने जाएगी तो खुद को जला देने का मन करेगा उसका , क्या बितती होगी उस लड़की के ऊपर , जब ओ सोचने पर मजबुर हो जाती है कि उसकी खूबसूरती उसे वरदान नहीं श्राप था , सोचती होगी अगर मै उस लड़के को हा बोल देती तो...शायद ...सोचती होगी  की ...
शायद मै उस कॉलेज में दाखिला ही न लेती तो ...
  सोचती होगी शायद मै उस दिन उस रास्ते से न गुजरती शोचती होगी की शायद मै उस दिन घर पर ही रहती तो सोचती होगी की शायद मै ने जन्म ही न लिया होता तो...।
   अगर ऐसा हो जाए , और भगवान कही है और लड़की कि बात पर उसने भी यह सोचा की लड़कियों को मै धरती पर पैदा होने ही नहीं दूंगा...तो...
जिस धरती को बनाने में इतने साल का वक्त लगा ,
पहले शायद 2 लोग थे ,
 बाद में 200
बाद में 2000
 बाद ने 2M फी र
2B
और आज के समय में 700 cr से भी ज्यादा लोग है और उसमें से करीब 400 cr औरते है , यह सिलसिला 50 साल में ही खत्म हो जाएगा , मर्द तरसे गा रोए गा पर उस वक्त काफी देर हो चुकी हो गी ,औरत का सिर्फ नाम होगा कि कोई तो थी औरत नाम की जो मर्दों का सहारा बनती थी , हिम्मत होती थी , ओ यक ऐसा डरावना सपना होगा जिसे कोई भी मर्द कभी देखना न चाहता होगा ,
   पता है आज की असली परेशानी क्या है "आदत" लडको को गलतियां करने की और औरतों को सहने की ...।गलती यो पर गलतियां कि जाती है यह सोच कर कि कोन क्या करेगा , सब के जब में माल है तो सारी गलती माफ हो जाती है , कैसे समझ नहीं पाते चंद कागज की टुकड़ों से ओ यक लड़की की जिंदगी खरीद 🤔
 नहीं - नहीं बर्बाद किय जा रहे है , मेरा बस चलता तो ऐसी सोच रखने वाले इन्सान को रस्सी से पेड़ को बांध देता और पहले तो उसकी मर्दानगी को जड़ से खत्म करता और उसके चेहरे पर पानी के नल की तरह accide की फुहार चोड़ता , तब शायद उसे एहसास होता कि कितना दर्द कि कितनी पीड़ा से गुजरना पड़ता है लड़की को,
आज लक्ष्मी अग्रवाल जी उन सभी लड़कियों के लिए यक प्रेरणा है, जो "accide attack" से हर रोज जुंज रही है , आज कहीं सारे foundation है जो accide attack के ऊपर काम कर रहे है , जैसे कि
"STOP ACCIDE ATTACK FOUNDATION"
जिसके साथी लक्ष्मी अग्रवाल जी जुड़ी हुई है
"ATIJEEVAN FOUNDATION" जो की
Pragya singh चलाती है जिनके साथ 250 से ज्यादा accide attack victms जुड़े हुए है ,
एक NGO है छांव जो ऐसे लड़कियों की सहायता करता है जो ऐसे हादसे से जूंज रही है ,




हर रोज जहा accide attack  हो रहे है वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी लोग है जो यह सब रोकने की कोशिश कर रहे है , अगर 5 साल में 1500 ऐसे हादसे हो रहे है तो कहीं न कहीं हम लोग भी गलती कर रहे है , भला ऐसी नोबत क्यूं आती है जो ऐसे हादसे होते है , अगर मुझसे पूछा जाय तो ज्यादा तर प्यार का मामला सामने आता है , लड़के ने लड़की को prapose किया लड़की ने ना बोला और लड़के ने उस ना को अपने बदले कि आग बना की और ओ घूस्सा दिल दहला देने वाले हादसे का रूप ले लेता है, क्या यही प्यार है क्यूं नहीं समझ मे आता कि प्यार को पाया जाता है जबरदस्ती छीना नहीं जाता , अगर इतना ही प्यार करता है उस लड़की से तो सोच , क्यूं नहीं सोचता...
 क्यूं उसने तुझे ना क्यूं कहा ,
 क्यूं नहीं सोचता की तेरे अंदर ऐसिं क्या कमी ,
 क्यूं नहीं सोचता की तू ऐसा क्या अच्छा काम कर सकता है जिससे उस लड़की का दिल जीत सके ,
क्यूं नहीं सोचता की तू कैसे उस प्यार से मना सकता है ,
जिस दिन ऐसे मानसिक रोगी लडको को इस क्यूं का जवाब मिल जाए गा न उस दिन शायद कहीं न कहीं हादसे क म होंगे
अरे यार मै ने तो कहीं बार ऐसा भी देखा है सुना है कि शादी शुदा औरत के ऊपर भी "accide attack"  हुए है , कुछ संकी लोग प्यार का नाम दे कर शादी शुदा औरत के पीछे पड़ जाते है और जब उस औरत का जवाब ना आया तो वहीं किस्सा फिर दोहराया जाता है , अरे वो यह बात क्यूं नहीं समजता की उसकी शादी हुई है 2 बच्चो की मां है ओ , इतनी घिनौनी सोच हमारे भारत के अंदर पल - फूल रही है , पनप रही है , शर्म आती है मुझे कभी कबार की मै भी एक लड़का हूं , कहीं न कहीं मेरी सोच भी वैसी हों जाए तो भगवान करे उसी वक्त मुझे मौत का तोफा दे ,
आपने अभी तक कभी सुना है किसी लड़के के ऊपर "accide attack" हुआ हो , मै ने तो नहीं सुना ... क्यूं लडको को प्रपोजल नहीं आते है क्या , लड़के कभी लड़की यो को मना नहीं करते , होता है इधर भी ओ सब होता है बस फर्क है तो सोच का जो लड़कियों की इस हद तक तो कभी नहीं जा सकती ,
लड़के बुरे नहीं होते कभी भी नहीं लेकिन हमारे बीच में ही रह रहे कुछ ऐसे सनकी पागल है , जिनकी वजह से सभी को बदनाम होना पड़ता है , अगर आपको फिल करना है न कि  "accide attack"हुए लड़की ने किस हद तक तकलीफ सही होगी तो उसकी -1% तकलीफ आप फिल कर सकते है, एक काम करिए घर जाइए मुंबत्ती जलाईय और उस मुंब्बती के कुछ बूंदे अपने बदन के किसी भी हिस्से पर डाल कर देखिए कैसा लगता है 3-4 बूंदे गिरते ही समझ जाएंगे तो सोचिए लड़कियां ओ तकलीफ कैसे सह लेती होगी , मुंबती जिस तरह पिघलती है न उसी तरह स्किन पिघलती है , ऐसा खोफनक मंजर होता है ओ जों जिन्दगी भर जहन से कभी जा नहीं पाता ,
आखिर में सिर्फ यही बात कहना चाहूंगा कभी भी ऐसा गलत विचार दिमाग में आ भी रहा हो तो 1 पल रुख कर बस यह सोचना की आज मै उस लड़की के ऊपर accide डालूंगा कल कोई और मेरे बहेन , मा , बीबी के ऊपर यही तरीका आज माएगा , शुरुवात खुद से करोगे तभी तो दुनिया बदलेगी , कोई और करेगा कोई और करेगा ऐसी सोच रखो गे तो कब आपके परिवार के साथ बुरा हो जाय यह आप समझ भी नहीं पाओगे ....
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आज के लिए इतना ही मिलते है मेरे अगले blogg में ऐसे ही यक itrasting topic के साथ तब तक के लिए खुश रहो - मजे करो 🤗
और velantain day आ रहा है यार कोई तगड़ी प्लानिंग करो अभी भी वक्त है , या फिर इस साल भी सिंगल ही मारना है 😅



Saturday, 18 January 2020

CITY OF GOLD ... MUMBAI .... ENGLISH

searchyourlife1.blogspot.com
CITY OF GOLD 
                 MUMBAI...
                             English...!




Mayanagari Mumbai - It is said that whoever embraced Mumbai wholeheartedly, Mumbai planted it with heart,
 And filled with all this .. The heartbeat of millions of people is this Mumbai - Every person who comes here brings a dream in their eyes.  And Mumbai realizes those dreams, Mumbai has no one here
 But every person living here considers Mumbai to be his own.  ... The financial capital Mumbai is very special in itself, which is keeping the story somewhere in its mind.  ...
 Today 603km.  It swung in Secure Mumbai - Do you know what it looked like in 300 BC?  This was scattered in 7 parts of Mumbai, at that time, the rulers tried to establish their dominance on the island, but the moment of change came when Portugal made its move on the island and also named bombiam.  .  Over time, the British people started arriving at India at that time, and at the same time the story of change of Mumbai started ...
 Later the British and Portugal Moholl of the Religion was prepared, as the dowry, Portuguese Yo soaped the bombaim British, and the name of the same island 7 Ireland
 1 ... coloba
 2 ... little coloba
 3 ... worli
 4 ... mazagaon
 5 ... parel
 6 ... bombay
 7 ... mahim
 When the British shifted their center office from Surat to Bombay, then there was a shortage of space, then the British took a nasty but important decision, to add these Sato islands, it was called land reclamation ...
 Then an attempt was made to connect the land, the project was named as 'hornby vellard project' which took the whole 150 years to become a new Bombay in 1845.
 Some changes have also taken place over time, the work of victoriya turminars is beginning in 1878 which took 10 years to complete, which was completed in 1888.

 Later in 1911, a grand monument started in memory of King George and Queen Mary who came to visit Bombay, in 1914 the monument started to be built and was completed in 1924 which was named gate wey off india, and then 1995  In Bombay, the name of Bombay was changed to Mumbai, today saw Jai, almost the entire population of Mumbai is around 1.50 to 2 crore and these people have a lifeline here.  I will find that its history is quite mythological for which I will have to make a separate blogg, but there are some things that surprise, like the world's biggest move is in Mumbai's Dharavi, and I am going to write to you and you  To read you...




Thursday, 16 January 2020

YOUNG GENERATION PART 2...


Young
    Generation chapter 2...


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हमारे भारत देश के अंदर किस चीज की कमी है , जरा सोच कर बताना , सब कुछ है जिसे हम यह कह सके की "मेरा भारत महान"

लेकिन हम दुनिया की बात करते है तो हम अक्सर पूछे क्यूं रहते है , माना कुछ मामलों में हम अच्छा कर रहे है , मगर जो पीछे छोड़ रहे है उसका क्या ,  लोकमत 📰 न्यूजपेपर में यक न्यूज आई थी गुजरात में , न्यालय के लिए शिपाई की भर्ती हो रही थी , और हैरान होने वाली बात यह है कि शीपाई भर्ती के लिए PHD . doctors , engineer,s  
ऐसे उच्च शिक्षित बच्चे भी लाइन में खड़े दिखाई दिए , इतनी बुरी गलत हो चली है इस देश कि , करे भी तो क्या करे , जहा पर एक सीट होती है वहा हजारों एप्लिकेशन आ जाते है , इतनी मात्रा में बेरोजगारी बढ़ चुकी है , इसका कोई तो हल होना चाहिए , युवा पीढ़ी हमारे देश का भविष्य है , निव है हमारे देश की नीव में ही खराबी होगी तो देश टिक नहीं पाएगा , सरकार काफी कोशिश कर रही है बेरोजगारी हटाने के लिए , युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखा रही है , पर इतनी कोशिश काफी नहीं है , अगर हमें बेरोजगारी कम करनी है तो शुरवात हमारे बचपन से होनी चाहिए , बचपन से ही education की तरफ कम और skill की तरफ ज्यादा ध्यान होना चाहिए , बढ़े होते ही यह बात दिमाग से निकाल दो की सरकारी नौकरी लग जाएगी , यह सोचो की हम खुद ऐसा क्या कर सकते है , खुद का ही कुछ शुरू करो , यह बात दिमाग में डाल दो की कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता , 
कमाने में कोई शर्म नहीं , लेकिन हमें शर्म तब आणि चाहिए जब हमारी पढ़ाई डॉक्टर , इंजिनियर के लेवल की है और हम काम कर रहे है चपरासी का , यही काम करना था तो 5-10 लाख रुपए पढ़ाई में खर्च क्यूं किय इससे अच्छा उन पैसों में छोटा मोटा बिज़नेस शुरू करते , यह बात समझ नी होगी , आज की कंडीशन बहुत बेकार हो चली है  , रोज अखबारों में खबरे छप रही है , जो लोग नौकरी पर है उन्हे भी नौकरी से निकाल दिया जा रहा है तो , जो लोग नौकरी तलाश रहे है उन्हे मिल पाएगी क्या नौकरी जरा सोच कर देखना , मैंने बात की थी 18-27 उमर के बच्चे यहां पर दो बाते साफ हो जाती है यह उमर मतलब , गलत और सही यह दो चीजों में। से फैसला करना होता है कि हम क्या चुनेंगे , अगर बच्चो ने इस उमर में खुद के दिल को मार दिया तो ओ कहीं न वी कहीं सही रास्ते पर होते है , मगर ऐसा नहीं होता , लड़का हो या लड़की इस उमर में उनका यक गलत कदम  कहीं बार उनकी जिन्दगी तक बर्बाद कर देता है , आज कल यह बहुत सुनने में आता है मेरा ब्रेकअप हुआ , वगैरा कुछ बच्चे तो उस चीज को हल्के में ले लेते है और भूल भी जाते है , पर कुछ बच्चे दिल से लगा लेते है और कहीं मामलों मै तो यह फैसला सुसाइड तक चला जाता है , और मा - बाप सिर्फ सोचते रहते है ऐसे कैसे हुआ , मेरा बेटा मेरी बेटी ऐसा कर है नहीं सकती , दुःख होता है मुझे उस वक्त जब ध्यान देना चाइए तब तो दिया नहीं , घर वालो को पता होना चाहिए उनके बच्चे घर के बाहर क्या करते है ,कहा जाते है , किससे मिलते है , आप बच्चो की जासूसी करो यह नहीं कह रहा मै पर कभी काबर जरूरी भी होता है , बहुत बार बाहर क्या हुआ यह बात बच्चे मा - बाप को बताने से डरते है ,  गलतियां होती है , किससे नहीं होती पर मा - बाप को बच्चो की गलतियां नहीं अच्छाइयां देखनी चाहिए , गलतियां ढूंढोगे तो उस भगवान में भी नजर आ एगी , बच्चो के साथ अगर बाहर कुछ बुरा होता है और ओ बात मा - बाप को बता नहीं पाते तो इससे बड़ी शर्म कि बेटा मा - बाप के लिए और कुछ भी नहीं , बच्चो को समजाना नहीं समजना सीखो , जिस दिन आप बच्चो को समज पाओगे उस दिन बच्चे आपसे कोई भी बात छुपाएंगे नहीं , बच्चो का सबसे करीब दोस्त मा - बाप होना चाइए , ना कि दूसरे, बच्चो को फ्री डम देना चाइए पर वो भी लिमिट में ...।
    बच्चो को भी यह बात समज नी चाइए प्यार करना गलत नहीं होता , पर कब करना चाइए इसकी भी समज़ होनी चाहिए ,पहले अपने करियर की तरफ बाद में प्यार तो चलते रहता है , यह बात मै इसलिए बता पा रहा हूं क्यूं की मै ने जिन्दगी को काफी करीब से देखा है , उसे समजा है , कम उम्र में जिन्दगी की ओ गहराई देखी है जिसके लिए लोगो की उम्र बीत जाती है , इसलिए सोचो , समझो , अमल करो , 
आज के लिए इतना ही मिलते है ऐसे ही एक नाय टॉपिक के साथ मेरे अगले ब्लॉग में ,
          🤗 खुश रहो हसते रहो 🤗

Wednesday, 15 January 2020

YOUNG GENERATION PART 1...

     
 Young         
    Generation chapter 1young generation feture of India






Young generation का मतलब क्या होता है , कोई बता सकता है ...
Youth power
नव युवक
यूआ पिढी
यह तो सिर्फ एक ही चीज के अलग - अलग नाम है ,
आज मय वही बात clear करने वाला हु ,
एक सर्वे के अनू सार हर १०० सालो में यक समय ऐसा भी आता है , जब किसी यक देश के अंदर young generation  की ताबाद काफी बढ़ जाती है ,
औंर आपको जानकर हैरणी होगी की यह यक मोका होता हैं , देश को आगे ले जाने का , एक प्रर्गतशिल राष्ट्र बनाने का , औंर बहुत सारे देशो ने इस मोके का फायदा उठाया हैं , औंर आर्थिक तोर से , विकास कर लिया हैं , अब आप लोग यह सोचना की इस बार किसे मोका मिला होगा ,
   अबकी बार हमारी बारी है ...!
आपको पता है हमारे भारत देश में १८-२७ साल तक के, india के population के हीसाब से ६३% नई पिढी हैं ,
    क्या लगता हैं .... कम हैं न....
नही बहुत ज्यादा हैं ....
औंर हमे खुश होना चाहिए कि हमारा देश young India कहलाता है , लेकिन ऐसा है नहीं ,पता है क्यूं ,
   हमारे लिए यह खुशी की बात नहीं है बल्कि चिंता का विषय है ,मानो जैसे भारत को वरदान नहीं बल्कि ‌‌श्राप मिला हो , हा, सही बात है न
आप जरा मेरी कुछ बातो पर घोर कीजिए
1- बेरोजगारी
2- पैसो की कमी
3- मंहगाई
युवा‌ पिढी की तादाद बधने के साथ यह सारी चिजे भी बढ़ रही है.
63%  यूवा पीढी की बात करे तो 3% लोग ऐसे है जो किसी भी मामले में किसीसे कम नहीं है जिन्हे हम अपनी भाषा में कहें तो brilliant , tailanted , unick , personlaty Vale
सिर्फ इन्हीं 3% लोगो की वजह से ही भारत आगे निकल सकता है , और बाकी के 60% तो बहुत बिज़ी है भाई , इतने बिज़ी की उनके पास बिल्कुल भी समय नहीं होता देश के लिए कुछ करने का , tiktok , whatassap , Facebook , Instagram ,
इन्से फूरसत ही कहा मीलती है ,
Tiktok के निर्माता का नाम पता है आपको
Zhang yiming from China इन्होंने यह aap उनके लिए बनाया था जो लोग काम नहीं करते फ्री होते है , अपने भाषा में कहें तो बेरोजगार , पर जब app lunch हुआ तब सबसे ज्यादा यूजर उन्नहे हमारे देश में मिले , और तब उन्होंने यक cinforance में यह कहा कि सबसे ज्यादा बेरोजगार उन्हें भारत में देखने को मिले , हमी जनसंख्या ज्यादा है इसलिए नहीं , यह बात दिमाग से निकाल दीजिए , हमसे ज्यादा लोग तो चीन में है , पर हम लोग अपना समय गलत चीजों में वेस्ट करते है , यह बात पता नहीं कब समझ में आयगी , हमारा देश काफी हद तक आगे निकल सकता है बस जरूरत है तो सही प्लेटफॉर्म की , और सही सिस्टम की , और काफी हद तक जिममेदार है हमारी सरकार जो कि सिर्फ बाते कर सकती है और कुछ नहीं , मै आगे बोली इससे पहले यह बात साफ कर देना चाहता हूं मै किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं कर रहा, मै जनरल बात कर रहा हूं , जो सभी को लागू होती है , हम सब जानते है कि tailante के मामले में हमारा देश कीसिसे काम नहीं है , लेकिन उस lailante का का फायदा दूसरे लोग उठाते है , और हो भी क्यूं न ,  कोनसी भी फिल्ड हो , sports , science , doctor , engineer ,
यह लोग अपना tailante दूसरे देश में बेचने को मजबुर हो जाते है , पता है क्यूं , क्यूं की हमारी सरकार को इनकी अहमियत पता नहीं होती , जो अमेरिका ,फ्रांस , जापान , जनता है और इन्हें यक मोका देता है , और यह लोग कामयाब भी हो जाते है औंर हम लोग ताली बाजने के अलवा कुछ नहीं करते ,
जरा सोच कर देखणा ,
लोग हमारे
पैदा हुय भारत में
पले बढे भारत में
पढाई भी की भारत में
औंर नाम रोशन करते हैं उनका , हा बाद मे हम यह जरूर बोल देते हैं की यह इंसान हमारे देश का हैं , भारत छोड़ के दूसरे देशों में जाना भी कोन चाहता है यार , लेकिन मजबूरी है जाना पड़ता है , क्यूं की उन्हे वहा जाकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिलता है जो हमारे देश में कभी नहीं मिलेगा , googal का CEO पता है कोन है सुंदर पिचाई क्या लगता है ओ अगर भारत में रहता तो इतनी बड़ी मुकाम पर आज होता , नहीं आज ओ चोटी मोटी कोई सरकारी नौकरी कर रहा होता , उसके tailant की कदर उसे भारत से नहीं कहीं और से मिली , जब ओ CEO बने तब उनके मा से प्रेस ने यक सवाल पूछा आपका बेटा googal का CEO बना है कैसा लग रहा है आपको , तब उस मा ने जवाब दिया अगर मेरा बेटा दो किताबें और पड़ लेता तो और अच्छी सरकारी नौकरी पर लग जाता , हमारी इंडियन सोच ही गलत है जो हमें बचपन में ही भेजे में घुसा दी जाती है तुझे डॉक्टर बनना है इंजिनियर बनना है मेरा बेटा वकील बनेगा , क्यूं हम लोग नौकरी के आगे बढ़ क्यूं नहीं पाते , अभी तक किसी भी बाप ने उसके बेटे से यह नहीं कहा होगा कि मेरा बेटा बिज़नेस करेगा , या मेरी बेटी स्पोर्ट्स प्लेयर बनेगी , नहीं न कैसे कहेंगे यह उनके दिमाग में आयगा भी भला कैसे उनके समय में तो यह सब था ही नहीं , हमारे मा - बाप सही है मै उन्हे गलत नहीं ठहरा रहा पर उस वक्त सही थे आज नहीं उनका समय अलग था यह बात ओ क्यूं नहीं समजते क्यूं अपने जिद पर अड़ जाते है , क्यूं अपने बच्चो के खुशी का गला घोटते है कुछ बच्चे अपनी मन की छोड़ कर मजबुर हो जाते है कहीं घिसी पिती नौकरी करने के लिए अपने मा - बाप से दरकार अगर उन्हे मोका मिला होता तो कहीं सारे ऐसे बच्चे है अपने अलग - अलग फिल्ड से बहुत कुछ अच्छा कर सकते है...।

Wednesday, 8 January 2020

POPULATION EXPLOSION



                                                       population 
                                                             explosion

hy friends today,s we are talling to verry importat topic ...
populaion exploion मतलब क्या। ...
जब किसी  देस की deth rate - मृत्यु दर कम होती है ,
chiled mortality rate - बाल मृत्यु दर में कमी  होती है ,
birth rate - जन्म दर में वर्द्धि होती है ,
life expectancy - जीवन प्रतिश्या में वर्द्धि होती है। ...
इन सबको population explosion - जनसख्या वर्द्धि ,कहा जाता है। ...
    जनसख्या वर्द्धि के लिए अशिक्षा भी अहम् कारण है ,2011  के  जनगणना के अनुसार  74% लोग शिक्षित  है ,और गावो में तो यह अकड़ा और भीम कम है , UN/ के report के अनुसार 2027   के आसपास india population के मामले में china से भी आगे निकल जायगा ,
जब over population की बात आती है तो मुझे china की one child police याद आती है ,पर उनकी यह pollice ज्यादा समय तक चल नहीं पाई , क्युं की china भी हमारी तरह ही सोच रखता है जब एक ही बच्चा रखने की बाद आती है तो क्युं न लड़के को ही जन्म दिया जाय ,और 2004 में यह देखा गया की
     122 male
     ------------
     100 female    
मतलब की 122 मर्दो के पीछे सिर्फ  100 औरते gendae imbarcing में बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो गई थी इसलिए 30 साल बाद यह pollice china को बंद करनी पड़ी।                                                                                        
    2019 में inda की population 1.37 billion और china की 1.43 billion है. 2050 तक india में 273 million लोग जुड़नेकी सम्भावना आकि जा रही है ,
    higher fertility rate बढ़ती population का मुख्य कारण है ,हम higher fertility rate को TFR भी कह सकते है
अभी सवाल यह है की TFR मतलब क्या ,
एक महिला अपने सम्पूर्ण जीवन काल में कितने बचो को जन्म देती है उसमे उस समय तक को गिना जाता है जब तक ओ महिला बच्चे जन्म देने की क्षमता रखती है। सरकारी आकड़ो के हिसाब से इंडिया में अभी TFR 2.2 पर woman है , कहा जाता है की  अगर  किसी देश का TFR 2.1 होता है तो उस देश की population बढ़ना बंद हो जाती है और अगर किसी देश का TFR 2.1 के निचे चला जाता है तो उस देश का population काम होने लगता है। ..
     आकड़ो के हिसाब से देखे तो ndia में
1971 में TFR 5.2
1981 में TFR 4.5
1991 में TFR 3.6
2017 में TFR 2.2
शिक्षा बहुत अहम भूमिका निभाती  है population  रोकने में
एक अशिक्षित  महिला 2.9 बचो को जान देती है वही दूसरी और एक शिक्षित महिला 2.1  बच्चे को जन्म देती  है ,
अगर TFR से देखे तो गांव में रहने वाली महुला ओ का TFR 1971 में 5.4  से घटकर 2.4 हो गया है और शहर में रहने वाली महिला ओ का TFR 4.1 से घटकर 1.7 होगया है। ...
   हम जनसँख्या रोकने के लिए और करता कर सकते है ,शादी करने की आयु बढ़ा सकते है , दूसरा तरीका यह है की हम महिला ओ का setas बढ़ा सकते है अगर हम इंडिया की गांव की तरफ देखते है तो ,वहा की महिलाय 4 दीवरों के अंदर अपनी पूरी जिंदगी  बिताते है ,महिला ओ को सामाजिक और आर्थिक रूप से विकसित होने का अवसर मिलना चाइय ,शिक्षित महिलाय स्वस्थ के प्रति जागरूक होती है और बार बार गर्भ धारण से बचती है और इस तरह population control में मदत होती है , और भी तरीके है जैसे की,
     family playning
     late marrige
    higher education
    increased moility
    indipendent woman

 इसलिए educaion is most for all





Monday, 6 January 2020

TRAFIC SIGNAL



      TRAFFIC
          SIGNAL     

HY FRIENDS - how are you , i think everything is all right -
    आज हम बात करने वाले है ट्रैफिक सिग्नल पर , जी है सही सुना ,आपको शायद पता नहीं होगा लेकिन ,ट्रैफिक सिग्नल हमारे रोज मर्रा के जिंदगी में बहुत अहम् भूमिका निभाता है। 
हम सब इतना तो जानते है ,
   red light - stop
     yellow light - see
    green light - go

लेकिन इसके आलावा भी और कही बाते है जिसपर हम कभी ध्यान नहीं देते ,
रोजाना हम रस्ते से आते - जाते रहते है ,सिग्नल पर रुकते है और फिर आगे निकल जाते है। 
लेकिन उस सिग्नल पर हमारे आलावा भी कुछ खास लोग होते है , जो कि सिग्नल रेड होने का इंतजार करते है ,और जैसे ही रेड सिग्नल हुआ तो एक चलती फिरति मार्केट  सिग्नल पर उतर जाती है ,जि हा  मय बात कर रहा हु  सिग्नल पर काम कर रहे लोगो की , गजरेवाली , कलैंडर वाला , कपडे वाला , पेन बेचने वाला ,हैंडी कैप , ऐसे कही अलग अलग क़िस्म के लोग हमें देखने को मिलते है ,और उस 60 सेकंड के बिच हम लोग उन के कस्टमर होते जबर - दस्ती के कस्टमर जो हम लोगो को कोई न कोई चीज चिपका कर चले जाते है। 
        और कुछ अतरंगी लोग ऐसे भी होते है जिनका बर्ताव दिन के टाइम अलग और रात के टाइम  अलग देखने को मिलता है , हम कहीं बार समज भी नहीं पाते और ऐसे लोग हमे चुना लगाकर चले जाते है। हम उनके बातो में ऐसे फस जाते है मानो  ओ  जो बोल रहे है सह बोल रहे है.  
    ऐसे - ऐसे नमूने होते हैं न की क्या बताऊ ,लेकिन साथ में यह भी समज गया , की यह लोग जो कुछ भी करे है अपना पेट भरने के लिए करते है , दिन भर पैसे कमाते है और रात  में उस कमाई का  25 प्रसेन्ट  कमीशन इनके दलाल को देना  पड़ता है , जी हा ,रोड पर सिग्नल पर जो भी काम करता है भिक मांगता है इनके ऊपर एक दलाल होता है जो इन लोगो पर नजर रखता है और इनकी छोटी - छोटी परेशानी हल करता है हर एक दलाल का एक इलाका होता है और उस इलाके का ओ राजा होता है उसके आलावा और कोई हफ्ता वहा  से ले नही सकता  ... 
      और उन दलाओ के ऊपर भी एक बॉस  होता है जो इन दलाओ से महीने में एक बार हफ्ता लेता है ,इसे  हम लोग चैन सिस्टम कह सकते है  ,एक के ऊपर एक - एक के ऊपर एक कोई न कोई होता है ,और सभ साथ मिलकर काम करते है  ,ओ  लोग हम से ज्यादा से ज्यादा पैसे कैसे निकाल  सके इसकी उनके पास कोइन कोई तरकीब हमेशा तैयार होती है , कभी रस्ते पर गटर फट  जाता है ,कभी रस्ते पर गड्ढे खड़वाय जाते है, कभी बैलो  को रास्ते पर छोड़ दिया जाता है तकी ट्रैफिक  जैम हो। 
      ट्रैफिक जैम होगा तो उन लोगो को अपना सामान बेचने के लिए ज्यादा वक्त मिलेगा , 
मतलब कुछ भी बे वजह यहाँ नहीं होता ,आप शायद नहीं जानते 1800  crore  का बिजनेस है इन लोगों का  , कहने को तो 1 रु - 5 रु  - 10  रु  यह लोग  चिलर जमा करते है , लेकिन इस चैन का आखरी छोर  जिसके पास है ओ  करोडो कमाता   है , 

   आप लोगो ने कही ऐसे भी लोग देखे होंगे सिग्नल पर - रस्ते पर जिनके हात -पैर  नहीं होते , आखे नहीं होते  ,90 / परसेंट लोग अपनी मर्जी  से हात - पैर  कटवाते है  अपने मर्जी से आखे निकलवाते है ताकि हम लोग न पर दया कर सके और ो सुकून से भिक मांग  सके और उस कटे हुए हात - पैर  आखो की मार्केट  में बड़े अस्पतालों में अछि कीमत लगाई जाती है , शार्ट में कहे तो यह भी एक तरह का इणलिगल  व्यापर करते है , इतना ही नहीं हम छोटे बचो को भि रस्ते पर भिक मांगते देखते है , उन बचो को अलग - अलग राज्यों से मगवाया जाता है या फिर अपहरण कर के लाया जाता है और कहु बार तो इन बचो को अपंग बनाकर रस्ते पर छोड़ दिया जाता है भिक मांगने  ,इन में कही बचो का कभी  भी पता नहीं चल पता कहा से आय थे। 
       और जब रस्ते पर इनकी  अपघात में मौत  हो जाती है तब इनकी बॉडी  को साइंस कॉलेज  - विध्यपीठो  में भेज दिया जाता है ताकि स्टूडेंट  इन पर अपनी ट्रेनिंग कर सके ,
    घिनोना है लेकिन सच यही  है। ... 
जितना भि लिखू कम है इन लोगो के बारे में , यह लोग गरीब ही सही लेकिन हर पर हसने का खुश रहने का बहाना धुंद  ही लेते है ,और ख़ुशी - ख़ुशी अपने जिँदगी काटने की कोशिस करते है। ... 

                                                              

Sunday, 5 January 2020

CITY OF GOLD... MUMBAI



                                                   CITY  OF GOLD - MUMBAI 


मायानगरी मुंबई - कहते है जिसने भी मुंबई को दिल  से अपनाया मुंबई ने उसे दिल से लगाया ,
और भर भर के दिया  .. लाखो लोगो की दिल की धड़कन यह मुंबई - यहाँ आने वाला हर शख्स अपने  आखो में एक सपना लेकर आता है . और मंबई उन सपनो को साकार भि करती है  ,मुंबई का  अपना यहाँ  कोई नहीं है 
लेकिन यहाँ रहने वाला हर शख्स  मंबई को अपना मानकर चलता है। ... आर्थिक राजधानी मुंबई अपने - आप में ही बहुत खास है  , जो अपने जहन में कही राज कही किस्से  दबाकर रखे हुए है। ... 
      आज 603km . secure  में  फहली हुई यह मुंबई  - क्या  आप जानते है , 300  इसा पूर्व में कैसी दिखति थी।   7  आयलैंड   के टुकड़ो में बिखरी थी यह मंबई , उस वक्त कही शासको ने अपना वर्चस्व  इन  आयलैंड पर स्तापित करने की कोशिश की , लईकिन बदलाव की घडि तब आ गई ' जब पुर्तगाल ने अपना कदम इन आयलैंड पर रखा  और साथ ही साथ नाम दिया bombiam  . समय के साथ ब्रिटिश लोगो ने उस वक्त भारत पर आगमन शुरू कर दिया ,और साथ ही साथ शुरू हु मुंबई के बदलाव की कहानी  ... 
     बाद में ब्रिटिश और पुर्तगाल में रिस्तेदारी का मोहोल  तैयार  हुआ , दहेज़ की तौर  पर पोर्तुगाली यो ने bombaim  ब्रिटिशो को सोप दिया , और उसी डरम्यान  7 आयलैंड के नाम भी पड़े 
1 ... coloba 
2 ... little coloba 
3 ... worli 
4 ... mazagaon 
5 ... parel 
6 ... bombay 
7 ... mahim 
ब्रिटिशो ने जब अपना सेंटर ऑफिस  सूरत से बॉम्बे  शिफ्ट कर दिया तो जगह की कमी महसूस होने लगी  तब ब्रिटिशो ने एक नामंकिन सा लेकिन अहम् फैसला लिया ,इन सतो आयलैंड को जोड़ने का  , उसे कहा गया land reclamation  ... 
फिर लैंड को जोड़ने की  नामुनकिन कोशिस शुरू हो गई  , उस प्रोजेक्ट को नाम दिया गया  'hornby vellard project' जिसे पुरहने पुरे 150  साल का वक्त लगा जो की 1845  में बनकर तयार  हो गया एक नया बॉम्बे। 
समय के साथ  कुछ बदलाव भी होने लगे 1878  में victoriya  turminars  का काम काज शुरू है जिसे पूरा होने में 10  साल का वक्त लगा जोकि 1888  में बनकर पूरा हो गया। 
   बाद में 1911  में  बॉम्बे घूमने आये  किंग जॉर्ज और क्वीन मेरी इनकी याद में एक भव्य स्मारक का निर्माण शुरू हो गया 1914  में उस स्मारक को बनाना शुरू है और 1924  में बनकर तैयार हो गया जिसे gate wey off india नाम दिया गया ,और फिर 1995 में बॉम्बे का नाम बदलकर मुंबई रख दिया गया , आज देखा जय तो लगभग मुंबई की पूरी आबादी 1.50  से  2  crore  के आस पास है और इन लोगो की लाइफ लाइन है यहाँ की लोकल ट्रैन , लोकल ट्रैन की पूरी कहानी मय अभी नहीं बात पाउँगा कूँ  की उसका इतहास काफी पुराण है  जिसके लिए मुझे अलग से blogg  बनाना पड़ेगा , लेकिन  कुछ कीजे है जो हैरान करती है , जैसे दुनिया की सबसे बड़ी चाल  मंबई के धारावी में स्तिथ है , और भीकही बाते है मुझे लिखने को और आपको आप को पड़ने को  and  friends you know what south aisha bigest economics city it,s mumbai , can you billive it...i am proud to be indian ...SEE YA FOR MY NEXT BLOGG.....