****************************
यूं ही थम जाएं , ए ओ शोर नहीं...।
कोमल है , पर कमजोर नहीं...।।
परिवार को दी जिसने बुनियाद, बेटी बनकर...।।।
बचपन को किया आबाद ,बहन बनकर...।।।।
पत्नी के रूप में दी जिसने जिन्दगी को एक नई रफ्तार
और जब मा बनी ,तब ईश्वर ने लिया उसके अंदर एक नया अवतार...।।।।।
****************************************
कुदरत ने अगर पुरषों को बाहु बल दिया है
तो वहीं स्त्री यो को आत्म बल दिया है
****************************************
कुछ दिनों पहले दिपिका जी की यक फिल्म रिलीज हुई थी जों किं आप सब जानते ही होंगे जिसका नाम था "छपाक"...
यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर आधारित है
लक्ष्मी अग्रवाल यह उनका नाम था जो 2005 को जब वो 7th कक्षा में पढ़ती थी तब उनके साथ दिल दहला देने वाला हादसा हुआ ,और चोका देने वाली बात यह है कि उस हमले में एक लड़की का भी हात है हालाकि उस हादसे के बात लड़के को 10 साल और लड़की को 7 साल की सजा हुई यह भी आप जानते होंगे , आज उसी चीज के उपर मै बात करने वाला हूं...।
ACCIDE-ATTACK ...
जिसके बारे में सोचता हूं तो शरीर कापने लगता है , एक बेचैनी सी होती है , दिल में यक डर सा पैदा होता है ,अगर मै यक लड़की होता तो ....ऐसी हालत मेरी हर रोज होती , हर रोज डर - डर के जीना पड़ता , क्या सच में लड़कियों का दर्द इतना बड़ा होता है कि सिर्फ ओ ही समझ पाते है , महसूस कर पाते है , हम लड़के नहीं.
बेशक शरीर से हम लड़के बलवान होते है , पर दिल और दिमाग से मजबूत सिर्फ और सिर्फ लड़कियां होती है, मै लडको की बुराई नहीं कर रहा मगर बहुत से मामलों में लड़कियों की तारीफ जितनी करे उतनी ही कम होगी
यक रिपोर्ट की मानें तो national crime record के हिसाब से संन 2018 में 240 केसेस सामने आई , इसका मतलब जानते है आप , उनके साथ ओ हुआ जो कभी किसी दुश्मन के साथ भी न हों , भारत में पिछले 5 सालो में 1500 accide attack के victims
सामने आए , सोच कर ही दिल काप जाता है मेरा , और सोचने पर मजबुर हो जाता हूं की क्या मै सच मै उसी भारत देश में रह रहा हूं जहां औरतों को देवी का दर्जा दिया जाता है , और ओ ही दूसरी और उस देवी को पैरो तले रौंदा जाता है , science की माने तो दुनिया में सबसे खूंखार जानवर भेड़िया है जो अपने शिकार को इतनी बुरी तरह लोच- लोच के खाता है कि ओ नजारा देख कर ही किसी का भी दिल रुक जाय , मगर मेरे हिसाब से सबसे खूंखार जानवर इन्सान है , जो हर रोज न जाने कितने औरतों को लोच कर खा रहा है , यक साल में 240 महिलाए accide हमले का शिकार होती है मतलब हर 15 घंटो में भारत में कहीं न कहीं , कोई लड़की इस हादसे का शिकार हो रही है , बहुत हैरानी की बात है , इतनी हैवानियत भला आती कहा से है , accide डालने वाला बंदा क्या यक पल भी नहीं सोचता की बाद में क्या होगा उस लड़की के साथ , जिस पर ओ accide फेकने जा रहा है , क्या उसे जरा सी भी दया नहीं आती होगी
या घुस्से में इतना अंधा हो जाता है कि उसकी सोच समजने की ताकत नहीं रहती , ओ यह नहीं समझ पाता कि हर रोज ओ लड़की जिंदा लाश बन कर रह जाएगी , जब भी आयने के सामने जाएगी तो खुद को जला देने का मन करेगा उसका , क्या बितती होगी उस लड़की के ऊपर , जब ओ सोचने पर मजबुर हो जाती है कि उसकी खूबसूरती उसे वरदान नहीं श्राप था , सोचती होगी अगर मै उस लड़के को हा बोल देती तो...शायद ...सोचती होगी की ...
शायद मै उस कॉलेज में दाखिला ही न लेती तो ...
सोचती होगी शायद मै उस दिन उस रास्ते से न गुजरती शोचती होगी की शायद मै उस दिन घर पर ही रहती तो सोचती होगी की शायद मै ने जन्म ही न लिया होता तो...।
अगर ऐसा हो जाए , और भगवान कही है और लड़की कि बात पर उसने भी यह सोचा की लड़कियों को मै धरती पर पैदा होने ही नहीं दूंगा...तो...
जिस धरती को बनाने में इतने साल का वक्त लगा ,
पहले शायद 2 लोग थे ,
बाद में 200
बाद में 2000
बाद ने 2M फी र
2B
और आज के समय में 700 cr से भी ज्यादा लोग है और उसमें से करीब 400 cr औरते है , यह सिलसिला 50 साल में ही खत्म हो जाएगा , मर्द तरसे गा रोए गा पर उस वक्त काफी देर हो चुकी हो गी ,औरत का सिर्फ नाम होगा कि कोई तो थी औरत नाम की जो मर्दों का सहारा बनती थी , हिम्मत होती थी , ओ यक ऐसा डरावना सपना होगा जिसे कोई भी मर्द कभी देखना न चाहता होगा ,
पता है आज की असली परेशानी क्या है "आदत" लडको को गलतियां करने की और औरतों को सहने की ...।गलती यो पर गलतियां कि जाती है यह सोच कर कि कोन क्या करेगा , सब के जब में माल है तो सारी गलती माफ हो जाती है , कैसे समझ नहीं पाते चंद कागज की टुकड़ों से ओ यक लड़की की जिंदगी खरीद 🤔
नहीं - नहीं बर्बाद किय जा रहे है , मेरा बस चलता तो ऐसी सोच रखने वाले इन्सान को रस्सी से पेड़ को बांध देता और पहले तो उसकी मर्दानगी को जड़ से खत्म करता और उसके चेहरे पर पानी के नल की तरह accide की फुहार चोड़ता , तब शायद उसे एहसास होता कि कितना दर्द कि कितनी पीड़ा से गुजरना पड़ता है लड़की को,
आज लक्ष्मी अग्रवाल जी उन सभी लड़कियों के लिए यक प्रेरणा है, जो "accide attack" से हर रोज जुंज रही है , आज कहीं सारे foundation है जो accide attack के ऊपर काम कर रहे है , जैसे कि
"STOP ACCIDE ATTACK FOUNDATION"
जिसके साथी लक्ष्मी अग्रवाल जी जुड़ी हुई है
"ATIJEEVAN FOUNDATION" जो की
Pragya singh चलाती है जिनके साथ 250 से ज्यादा accide attack victms जुड़े हुए है ,
एक NGO है छांव जो ऐसे लड़कियों की सहायता करता है जो ऐसे हादसे से जूंज रही है ,
हर रोज जहा accide attack हो रहे है वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी लोग है जो यह सब रोकने की कोशिश कर रहे है , अगर 5 साल में 1500 ऐसे हादसे हो रहे है तो कहीं न कहीं हम लोग भी गलती कर रहे है , भला ऐसी नोबत क्यूं आती है जो ऐसे हादसे होते है , अगर मुझसे पूछा जाय तो ज्यादा तर प्यार का मामला सामने आता है , लड़के ने लड़की को prapose किया लड़की ने ना बोला और लड़के ने उस ना को अपने बदले कि आग बना की और ओ घूस्सा दिल दहला देने वाले हादसे का रूप ले लेता है, क्या यही प्यार है क्यूं नहीं समझ मे आता कि प्यार को पाया जाता है जबरदस्ती छीना नहीं जाता , अगर इतना ही प्यार करता है उस लड़की से तो सोच , क्यूं नहीं सोचता...
क्यूं उसने तुझे ना क्यूं कहा ,
क्यूं नहीं सोचता की तेरे अंदर ऐसिं क्या कमी ,
क्यूं नहीं सोचता की तू ऐसा क्या अच्छा काम कर सकता है जिससे उस लड़की का दिल जीत सके ,
क्यूं नहीं सोचता की तू कैसे उस प्यार से मना सकता है ,
जिस दिन ऐसे मानसिक रोगी लडको को इस क्यूं का जवाब मिल जाए गा न उस दिन शायद कहीं न कहीं हादसे क म होंगे
अरे यार मै ने तो कहीं बार ऐसा भी देखा है सुना है कि शादी शुदा औरत के ऊपर भी "accide attack" हुए है , कुछ संकी लोग प्यार का नाम दे कर शादी शुदा औरत के पीछे पड़ जाते है और जब उस औरत का जवाब ना आया तो वहीं किस्सा फिर दोहराया जाता है , अरे वो यह बात क्यूं नहीं समजता की उसकी शादी हुई है 2 बच्चो की मां है ओ , इतनी घिनौनी सोच हमारे भारत के अंदर पल - फूल रही है , पनप रही है , शर्म आती है मुझे कभी कबार की मै भी एक लड़का हूं , कहीं न कहीं मेरी सोच भी वैसी हों जाए तो भगवान करे उसी वक्त मुझे मौत का तोफा दे ,
आपने अभी तक कभी सुना है किसी लड़के के ऊपर "accide attack" हुआ हो , मै ने तो नहीं सुना ... क्यूं लडको को प्रपोजल नहीं आते है क्या , लड़के कभी लड़की यो को मना नहीं करते , होता है इधर भी ओ सब होता है बस फर्क है तो सोच का जो लड़कियों की इस हद तक तो कभी नहीं जा सकती ,
लड़के बुरे नहीं होते कभी भी नहीं लेकिन हमारे बीच में ही रह रहे कुछ ऐसे सनकी पागल है , जिनकी वजह से सभी को बदनाम होना पड़ता है , अगर आपको फिल करना है न कि "accide attack"हुए लड़की ने किस हद तक तकलीफ सही होगी तो उसकी -1% तकलीफ आप फिल कर सकते है, एक काम करिए घर जाइए मुंबत्ती जलाईय और उस मुंब्बती के कुछ बूंदे अपने बदन के किसी भी हिस्से पर डाल कर देखिए कैसा लगता है 3-4 बूंदे गिरते ही समझ जाएंगे तो सोचिए लड़कियां ओ तकलीफ कैसे सह लेती होगी , मुंबती जिस तरह पिघलती है न उसी तरह स्किन पिघलती है , ऐसा खोफनक मंजर होता है ओ जों जिन्दगी भर जहन से कभी जा नहीं पाता ,
आखिर में सिर्फ यही बात कहना चाहूंगा कभी भी ऐसा गलत विचार दिमाग में आ भी रहा हो तो 1 पल रुख कर बस यह सोचना की आज मै उस लड़की के ऊपर accide डालूंगा कल कोई और मेरे बहेन , मा , बीबी के ऊपर यही तरीका आज माएगा , शुरुवात खुद से करोगे तभी तो दुनिया बदलेगी , कोई और करेगा कोई और करेगा ऐसी सोच रखो गे तो कब आपके परिवार के साथ बुरा हो जाय यह आप समझ भी नहीं पाओगे ....
******************************************
आज के लिए इतना ही मिलते है मेरे अगले blogg में ऐसे ही यक itrasting topic के साथ तब तक के लिए खुश रहो - मजे करो 🤗
और velantain day आ रहा है यार कोई तगड़ी प्लानिंग करो अभी भी वक्त है , या फिर इस साल भी सिंगल ही मारना है 😅



No comments:
Post a Comment