Tuesday, 11 February 2020

FOOTBALL ⚽



फुटबॉल के बारे में कुछ रोचक जानकारी"

 "पढ़ो गे लिखो गे तो बनोगे नवाब "
" खेलों गे कुदो गे तो बनो गे खराब "


 यह कहावत तो आप सब ने सुनी ही होगी . मैंने भी सुनी है , पर क्या आप इसका मतलब जानते है , हा वैसे कुछ लोग इसका मतलब ऐसे निकलते है कि मानो खेल मतलब कुछ ऐसी बुरी चीज है जिससे बच्चो को हमेशा दूर रहना चाहिए , कहावत तो सही है पर लोगों ने इसका मतलब गलत समझ लिया है , खेल के साथ साथ पढ़ाई भी जरूरी है सिर्फ खेल ही नहीं खेल ना चाहिए , पढ़ाई जो है ओ हमारा बौद्धिक विकास करती है और खेल जो है ओ हमारा शारीरिक विकास करती है हमें चंचल बनती है...।
   वैसे तो खेल बहुत सारे है कुछ हम गाव में खेलते है तो कुछ बड़े मैदानों में खेले जाते है , मैदान में खेले जाने वाले बहुत से खेल है जैसे हम क्रिकेट को जानते है फुटबॉल को जानते है और यह बात आपको पता नहीं होगी की दुनिया में सबसे अधिक मोबाइल पर नेट पर देखा जाने वाला खेल फुटबॉल है

फुटबॉल का इतिहास :-

वैस फुटबॉल का इतिहास काफी पुराना है ,
पहिला फुटबॉल खेल  १८६३ में इंग्लैंड में खेला गया , उस वक्त फुटबॉल को लेकर बहुत से
वाद - विवाद थे !
फुटबॉल को अंत राष्ट्रीय खेल की मान्यता १९०० के दशक में मिली , जब पहीला ओलंपिक फुटबॉल खेला गया और उस वक्त के सुवर्ण पदक विजेता ग्रेट ब्रिटेन थे !
१९०० से लेकर २०१८ तक कुल २६ ओलंपिक खेल खेले गए ,
   और महिला ओ कि बात करे तो १९९६ में पाहिला ओलंपिक खेला गया ,
 १९९६ से २०१८ तक कुल ६ खेल खेले गए !


(फीफा ) आखिर है क्या :-
फुटबॉल की यक  परिषद भी है जिसमें ३६ देश सदस्य है ! जिसके अध्यक्ष इन्फैटिनो जीयाननी जो (स्विट्जरलैंड - इटली )से है !
और वरीष्ट उपाध्यक्ष अल खलीफा शेख सलमान बीन अब्राहिम जो (बहरीन) से है
और इसी में हमारे भारत देश से प्रफुल्ल पटेल जी है ...।

इस परिषद को फीफा (FIFA) नाम दिया गया!
फीफा का अर्थ होता है
" फेडरेशन इंटरनेशनल डि फुटबॉल एसोसिएशन "
जो कि विश्व कप , महिला विश्व कप खेलो का आयोजन करती है !
फीफा की स्थापना २१ में १९०४ में हुई थी !
( फ्रांस , डेनमार्क , नीदरलैंड , स्वीडन , स्पेन , स्विट्ज़रलैंड ) यह संस्थापक सदस्य थे .
  फीफा यक मासिक पत्रिका भी प्रकाशित करता है , जो ६८ पुष्ट की होती है , जिस में खास तौर से दुनिया भर से खिलाड़ी कि कहानियां होती है , यह पत्रिका नेट पर भी उपलब्ध है (fifa.com)
१९३० से लेकर २०१८ तक २२ विश्व कप खेले गए . और दुःख की बात यह है कि हमारा भारत देश अभी तक यक बार भी विजेता नहीं हुआ .
और महीला ओ की बात करे तो पाहीला विश्व कप १९९६ में खेला गया और उस वक्त के विजेता थे " संयुक्त राज्य अमेरीका " १९०६ से लेकर २०१८ तक कुल ६ खेल खेले गए

फुटबॉल के कुछ जरूरी नियम :-

यह खेल ९० मिनिट तक चलता है जिसमें जों सबसे ज्यादा लक्ष हासिल करता है ओ संघ विजेता कहलाता है और बीच में ४५ मिनिट के दो विराम भी होता है , और उस में भी में १५ मिनिट का छोटा विराम होता है , कभी कभी ९० मिनिट में खेल का नतीजा नहीं निकलता तो तो ३० मिनिट का समय और बढ़ा दिया जाता है जिसे
 "इंजुरी स्ट्राइक" कहा जाता है और तब भी खेल के नतीजा नहीं निकलता है तो
" प्यानालती शूटआउट "   कहते है
यह खेल २ संघो के बीच में खेला जाता है हर यक संघ में ११ खिलाड़ी होने चाहिए और मैदान में ११ खिलाड़ी यो के साथ ३ निर्णायक भी होते है ! यक महत्त्व पूर्ण निर्णायक खेल के बीच में घूमता रहता है जिसका काम होता है खिलाड़ी यो पर नजर रखना फ्री किक , पाउच , पेनाल्टी को देखना और इस के पास यक खास अधिकार भी होता ,
अगर कोई खिलाड़ी शर्ट खींचता है , धक्का मुक्की करता है तो ओ उसे पीली चिट देता है जो कि यक चेतावनी होती है , और कोई खिलाड़ी किसी को गंभीर रूप से घायल करता है तो उसे लाल चिट दी जाती है जो की खेल से बाहर निकल जाने के इशारा होता है , और कोई खिलाड़ी जख्मी होता है तो खेल  को बीच में रोकने का अधिकार भी इनके पास होता है ,
  और जो बाकी २ निर्णायक है उन्हे सीमा निर्णायक कहते है उनका काम होता है आउटसाइड , और कॉर्नर किक पर ध्यान देना
ऐसे कहीं सारे नियम होते है है जो खेल के लिए बहुत जरूरी होते है ...।

पुरुष फुटबॉल विश्व कप यदि

वर्ष।         विजेता

१९३०       उरुग्वे
१९३४       उरुग्वे
१९३८       इटली
१९५०      उरुग्वे
१९५४      वेस्ट जर्मन
१९५८      ब्राज़ील
१९६२      ब्राज़ील
१९६६       इंग्लैंड
१९७०       ब्राज़ील
१९७४      वेस्ट जर्मन
१९७८      अर्जेंटीना
१९८२      इटली
१९८६      अर्जेंटीना
१९९०     वेस्ट जर्मन
१९९४      ब्राज़ील
१९९८      फ्रांस
२००२      ब्राज़ील
२००६     इटली
२०१०     स्पेन
२०१४    जर्मनी
२०१८     फ्रांस

अगर हम फुटबॉल खिलाड़ी यो की बात करे तो कुछ लोकप्रिय खिलाड़ी के नाम सामने आते है जैसे कि " पीले " इन्होंने ने अभी तक ३ बार विश्व कप जीता है , रोनाल्डो इनके बारे में आप सब जानते है होंगे ऐसे बहुत सारे खिलाड़ी है जो अपनी जी जान लगा कर खेल को खेलते है...।
















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