Young
Generation chapter 1young generation feture of India
Young generation का मतलब क्या होता है , कोई बता सकता है ...
Youth power
नव युवक
यूआ पिढी
यह तो सिर्फ एक ही चीज के अलग - अलग नाम है ,
आज मय वही बात clear करने वाला हु ,
एक सर्वे के अनू सार हर १०० सालो में यक समय ऐसा भी आता है , जब किसी यक देश के अंदर young generation की ताबाद काफी बढ़ जाती है ,
औंर आपको जानकर हैरणी होगी की यह यक मोका होता हैं , देश को आगे ले जाने का , एक प्रर्गतशिल राष्ट्र बनाने का , औंर बहुत सारे देशो ने इस मोके का फायदा उठाया हैं , औंर आर्थिक तोर से , विकास कर लिया हैं , अब आप लोग यह सोचना की इस बार किसे मोका मिला होगा ,
अबकी बार हमारी बारी है ...!
आपको पता है हमारे भारत देश में १८-२७ साल तक के, india के population के हीसाब से ६३% नई पिढी हैं ,
क्या लगता हैं .... कम हैं न....
नही बहुत ज्यादा हैं ....
औंर हमे खुश होना चाहिए कि हमारा देश young India कहलाता है , लेकिन ऐसा है नहीं ,पता है क्यूं ,
हमारे लिए यह खुशी की बात नहीं है बल्कि चिंता का विषय है ,मानो जैसे भारत को वरदान नहीं बल्कि श्राप मिला हो , हा, सही बात है न
आप जरा मेरी कुछ बातो पर घोर कीजिए
1- बेरोजगारी
2- पैसो की कमी
3- मंहगाई
युवा पिढी की तादाद बधने के साथ यह सारी चिजे भी बढ़ रही है.
63% यूवा पीढी की बात करे तो 3% लोग ऐसे है जो किसी भी मामले में किसीसे कम नहीं है जिन्हे हम अपनी भाषा में कहें तो brilliant , tailanted , unick , personlaty Vale
सिर्फ इन्हीं 3% लोगो की वजह से ही भारत आगे निकल सकता है , और बाकी के 60% तो बहुत बिज़ी है भाई , इतने बिज़ी की उनके पास बिल्कुल भी समय नहीं होता देश के लिए कुछ करने का , tiktok , whatassap , Facebook , Instagram ,
इन्से फूरसत ही कहा मीलती है ,
Tiktok के निर्माता का नाम पता है आपको
Zhang yiming from China इन्होंने यह aap उनके लिए बनाया था जो लोग काम नहीं करते फ्री होते है , अपने भाषा में कहें तो बेरोजगार , पर जब app lunch हुआ तब सबसे ज्यादा यूजर उन्नहे हमारे देश में मिले , और तब उन्होंने यक cinforance में यह कहा कि सबसे ज्यादा बेरोजगार उन्हें भारत में देखने को मिले , हमी जनसंख्या ज्यादा है इसलिए नहीं , यह बात दिमाग से निकाल दीजिए , हमसे ज्यादा लोग तो चीन में है , पर हम लोग अपना समय गलत चीजों में वेस्ट करते है , यह बात पता नहीं कब समझ में आयगी , हमारा देश काफी हद तक आगे निकल सकता है बस जरूरत है तो सही प्लेटफॉर्म की , और सही सिस्टम की , और काफी हद तक जिममेदार है हमारी सरकार जो कि सिर्फ बाते कर सकती है और कुछ नहीं , मै आगे बोली इससे पहले यह बात साफ कर देना चाहता हूं मै किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं कर रहा, मै जनरल बात कर रहा हूं , जो सभी को लागू होती है , हम सब जानते है कि tailante के मामले में हमारा देश कीसिसे काम नहीं है , लेकिन उस lailante का का फायदा दूसरे लोग उठाते है , और हो भी क्यूं न , कोनसी भी फिल्ड हो , sports , science , doctor , engineer ,
यह लोग अपना tailante दूसरे देश में बेचने को मजबुर हो जाते है , पता है क्यूं , क्यूं की हमारी सरकार को इनकी अहमियत पता नहीं होती , जो अमेरिका ,फ्रांस , जापान , जनता है और इन्हें यक मोका देता है , और यह लोग कामयाब भी हो जाते है औंर हम लोग ताली बाजने के अलवा कुछ नहीं करते ,
जरा सोच कर देखणा ,
लोग हमारे
पैदा हुय भारत में
पले बढे भारत में
पढाई भी की भारत में
औंर नाम रोशन करते हैं उनका , हा बाद मे हम यह जरूर बोल देते हैं की यह इंसान हमारे देश का हैं , भारत छोड़ के दूसरे देशों में जाना भी कोन चाहता है यार , लेकिन मजबूरी है जाना पड़ता है , क्यूं की उन्हे वहा जाकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म मिलता है जो हमारे देश में कभी नहीं मिलेगा , googal का CEO पता है कोन है सुंदर पिचाई क्या लगता है ओ अगर भारत में रहता तो इतनी बड़ी मुकाम पर आज होता , नहीं आज ओ चोटी मोटी कोई सरकारी नौकरी कर रहा होता , उसके tailant की कदर उसे भारत से नहीं कहीं और से मिली , जब ओ CEO बने तब उनके मा से प्रेस ने यक सवाल पूछा आपका बेटा googal का CEO बना है कैसा लग रहा है आपको , तब उस मा ने जवाब दिया अगर मेरा बेटा दो किताबें और पड़ लेता तो और अच्छी सरकारी नौकरी पर लग जाता , हमारी इंडियन सोच ही गलत है जो हमें बचपन में ही भेजे में घुसा दी जाती है तुझे डॉक्टर बनना है इंजिनियर बनना है मेरा बेटा वकील बनेगा , क्यूं हम लोग नौकरी के आगे बढ़ क्यूं नहीं पाते , अभी तक किसी भी बाप ने उसके बेटे से यह नहीं कहा होगा कि मेरा बेटा बिज़नेस करेगा , या मेरी बेटी स्पोर्ट्स प्लेयर बनेगी , नहीं न कैसे कहेंगे यह उनके दिमाग में आयगा भी भला कैसे उनके समय में तो यह सब था ही नहीं , हमारे मा - बाप सही है मै उन्हे गलत नहीं ठहरा रहा पर उस वक्त सही थे आज नहीं उनका समय अलग था यह बात ओ क्यूं नहीं समजते क्यूं अपने जिद पर अड़ जाते है , क्यूं अपने बच्चो के खुशी का गला घोटते है कुछ बच्चे अपनी मन की छोड़ कर मजबुर हो जाते है कहीं घिसी पिती नौकरी करने के लिए अपने मा - बाप से दरकार अगर उन्हे मोका मिला होता तो कहीं सारे ऐसे बच्चे है अपने अलग - अलग फिल्ड से बहुत कुछ अच्छा कर सकते है...।

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